
डोनाल्ड ट्रंप को अगर कुछ पसंद नहीं आता, तो वो पहले ट्वीट करते थे — अब ट्रुथ सोशल पर धमकी देते हैं।
रियो डी जनेरियो में ब्रिक्स देशों के 17वें शिखर सम्मेलन के ठीक बाद, ट्रंप ने कहा- “अगर ब्रिक्स के ये छह देश ज़्यादा होशियारी दिखाएंगे, तो जल्द ही खत्म हो जाएंगे.“
अब तक न तो देशों के नाम बताए, न ही ये साफ़ किया कि खतरा असली है या प्रचार का हिस्सा। लेकिन इतना तय है – ट्रंप का मूड बिगड़ा हुआ है।
“हम किसी को हमारे साथ खेलने की इजाज़त नहीं देंगे” – ट्रंप की इंटरनेशनल स्कूली धमकी
बिल्कुल प्रिंसिपल की तरह, ट्रंप बोले- “हम किसी को अमेरिका के साथ खेलने की इजाजत नहीं देंगे.”
यानी अगर कोई देश अमेरिका के पीछे से कुर्सी खींचने की कोशिश करेगा, तो उसे 10% टैरिफ़ की चप्पल पड़ेगी।
ब्रिक्स का घोषणापत्र: “ग्लोबल गवर्नेंस” और “एकतरफा टैरिफ” पर प्रहार
ब्रिक्स घोषणापत्र में कहा गया कि दुनिया के व्यापारिक नियम एकतरफा टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं से टूट रहे हैं।
ये बात ट्रंप को ट्रिगर करने के लिए काफी थी। उन्होंने इसे अमेरिका-विरोधी नीति मानते हुए फौरन टैक्स हथियार निकाल लिया। कोई ये नहीं पूछ रहा कि ब्रिक्स अब 6 देश कब से हो गए?
(संभवत: ट्रंप ने व्हाट्सऐप ग्रुप में कोई अपडेट देखा होगा।)

ट्रुथ सोशल पर एलान: “ब्रिक्स समर्थक देशों पर कोई रहम नहीं”
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा:
“जो भी देश ब्रिक्स की अमेरिका-विरोधी नीति से जुड़ता है, उस पर 10% अतिरिक्त टैरिफ़ लगेगा। कोई छूट नहीं दी जाएगी। धन्यवाद!”
ध्यान देने योग्य बात: धन्यवाद भी ट्रंप का कॉर्पोरेट-स्टाइल धमकी सिग्नेचर है। जैसे कह रहे हों – “हम आपको बर्बाद करेंगे, पर प्रोफेशनली।”
“ब्रिक्स से ज़्यादा ट्रंप को खुद से खतरा है”
वैश्विक राजनीति के पंडितों का कहना है कि ट्रंप का बयान स्टंट है, क्योंकि वे हाल ही में दोबारा राष्ट्रपति बने हैं और अब “अमेरिका को फिर से रिएक्टिव बनाना” चाह रहे हैं।
टैरिफ़ से ब्रिक्स को कम, लेकिन वैश्विक निवेशकों को जरूर पसीना आने लगा है।
भारत-पाक युद्धविराम पर बोले ट्रंप: ‘4-5 विमान हवा में उड़ाए गए’
